
रिटायर्ड सैनिकों को मिलिट्री ऑपरेशंस की प्लानिंग, उसे लागू करने के तरीके, सैनिकों की आवाजाही या फिर टैक्टिकल फैसलों का खुलासा करने की इजाजत कभी भी नहीं होती है. दशकों पुराने मिशन जैसे कि आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, सर्जिकल स्ट्राइक या फिर बॉर्डर पर की गई कोई भी कार्यवाही क्लासिफाइड रहती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस तरह की जानकारी दुश्मन ताकतों के लिए उपयोगी पैटर्न बता सकती है.

कोई भी डॉक्यूमेंट जिसे कॉन्फिडेंशियल, सीक्रेट या फिर टॉप सीक्रेट मार्क किया गया हो उसे जिंदगी भर गुप्त रखना होता है. ऐसी सामग्री का छोटा सा हिस्सा भी शेयर करने से भारत की रक्षा स्थिति में कमजोरियां सामने आ सकती हैं.
Published at : 07 Feb 2026 02:27 PM (IST)


