पाकिस्तान के कितने शहरों पर कब्जा कर चुके बलोच, यह पाकिस्तान का कुल कितना हिस्सा?

बीते शनिवार यानी 31 जनवरी की सुबह पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अचानक गोलियों और धमाकों की आवाजें गूंज उठीं. एक के बाद एक शहरों से हमलों की खबरें आने लगीं. पुलिस थाने, सरकारी इमारतें और सुरक्षा ठिकाने निशाने पर थे. हमलों की जिम्मेदारी बलोच लिबरेशन आर्मी ने ली और इसे अपने ऑपरेशन का निर्णायक चरण बताया. इस दौरान सवाल उठने लगा कि आखिर बलोच कितने शहरों में सक्रिय हैं, उन्होंने पाकिस्तान के कितने इलाके में कब्जा कर लिया है और यह पाकिस्तान का के कितने हिस्से में आता है. 

एक साथ कई शहर निशाने पर

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शनिवार 31 जनवरी 2026 की सुबह हालात अचानक बिगड़ गए. बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने एक साथ कई शहरों में समन्वित हमले किए. इन हमलों को संगठन ने अपने ऑपरेशन हेरॉफ के दूसरे चरण का हिस्सा बताया. हमलों का निशाना पुलिस थाने, सरकारी दफ्तर और सुरक्षा बलों से जुड़े ठिकाने रहे.

किन-किन शहरों में हुए हमले?

BLA की ओर से जिन शहरों में हमलों की जिम्मेदारी ली गई, उनमें क्वेटा, ग्वादर, चमन, पसनी, मस्तुंग, नुश्की, कलात, दल्बंदिन, खारान और टंप जैसे अहम शहर शामिल हैं. इसके अलावा संगठन ने दावा किया कि कुल मिलाकर करीब 20 से ज्यादा शहरों और कस्बों में अलग-अलग स्तर पर हमले किए गए. हालांकि इन इलाकों पर स्थायी कब्जे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है. 

क्या बलोच विद्रोहियों का इन शहरों पर कब्जा है?

फैक्ट के लिहाज से देखें तो बलोच लिबरेशन आर्मी ने किसी भी बड़े शहर पर स्थायी और प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करने का आधिकारिक दावा नहीं किया है. जमीनी हकीकत यह है कि BLA कई इलाकों में अस्थायी तौर पर अपनी मौजूदगी दिखाती है, हमले करती है और फिर पीछे हट जाती है. 

पाकिस्तान के कितने हिस्से पर बलोचों का कब्जा?

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है. यह पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का करीब 44 प्रतिशत हिस्सा कवर करता है. इतना बड़ा इलाका होने के बावजूद यहां की आबादी देश की कुल जनसंख्या का लगभग 6 से 7 प्रतिशत ही है. इसी वजह से यह इलाका लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और प्रशासनिक कमजोरी से जूझता रहा है. 

क्यों बार-बार बलूचिस्तान बनता है संघर्ष का केंद्र?

बलोच संगठनों का आरोप रहा है कि इस क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का फायदा स्थानीय लोगों को नहीं मिलता है. गैस, खनिज और समुद्री परियोजनाओं से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार या बाहरी कंपनियों को जाता है. ग्वादर पोर्ट और CPEC जैसी परियोजनाओं के बाद असंतोष और गहराया है, जिससे हिंसक घटनाएं बढ़ती रही हैं.

यह भी पढ़ें: थाने गए और पुलिस ने दी गाली या की मारपीट, पूरा थाना कैसे करा सकते हैं सस्पेंड? जानें डिटेल्स

Hot this week

SSC CGL Exam 2026: Complete Guide to Recruitment, Eligibility, Syllabus & Online Form.

SSC CGL Exam 2026: Complete Guide to Recruitment, Eligibility,...

72nd Bihar Public Service Commission (BPSC) Preparation: A Complete Guide with a Strategy.

72nd Bihar Public Service Commission (BPSC) Preparation: A Complete...

HPRCA Assistant Staff Nurse Recruitment 2026: 390 Posts – Apply Online Now!

HPRCA Assistant Staff Nurse Recruitment 2026: 390 Posts –...

Current Affairs – 15.02.2026 | Daily GK Update

The Reserve Bank of India (RBI) issued updated guidelines...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img
https://www.effectivegatecpm.com/yh8smzch?key=f9b4827ea16e177c349651d56f013ddb
Join Us WhatsApp